23.7k Members 50k Posts

"चाहत"

“चाहत”

संजीदा सी जिंदगी में,
चन्द शामें ऐसी भी हों
जहाँ नदियों सी कल कल हो,
मद मस्त पवन की हिलोर हो

संजीदा सी जिंदगी में,
चन्द शामें एसी भी हों

आसमान से छनती चांदनी हो,
बारिश की फुहार हो
संजीदा सी जिंदगी में,
चन्द शामें ऐसी भी हों

जब साज छिड़े कोई ,
तेरा-मेरा ही अफ़साना हों.
संजीदा सी जिंदगी में,
चन्द शामें एसी भी हों.

✍वैशाली 💞
7.10.2020

1 Like · 2 Comments · 14 Views
Vaishali Rastogi
Vaishali Rastogi
SAMBHAL. MORADABAD
29 Posts · 676 Views
मुझे हिंदी में काफी रूचि है. विदेश में रहते हुए हिन्दी तथा अध्यात्म की तरफ...
You may also like: