चाहत

तू भी किसी को बोल के देख.
चाहत अपनी फरोल के देख.

तमन्नाऐं तुम में भी अंगड़ाई लेंगी.
दिल की खिड़की खोल के देख.

मत सोच सिर्फ नफरत है दुनिया में.
अपना प्यार किसी पे डोल के देख.

सिर्फ दूसरों को मत परख मेरे यार.
अपने आपको भी तौल के देख.

बाहर किस को ढूँढता है ऐ दीप.
रब को अपने दिल में टटोल के देख.

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