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चाहता हु कुछ करना पर कर नहीं पता…….

Awneesh kumar

Awneesh kumar

कविता

April 26, 2017

चाहता हु कुछ करना पर कर नहीं पता
दूर तुम होती हो रास्ता नजर नहीं आता
मंजिल भी अब रास नहीं अति ना ही कुछ कर पाता हु
जिन नजरो में डूबा था वही तलक सिमट कर रहा जाता हु।
(अवनीश कुमार)

Author
Awneesh kumar
नमस्कार अवनीश कुमार www.awneeshkumar.ga www.facebook.com/awneesh kumar
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