23.7k Members 49.8k Posts

चाय की प्याली कहे कुछ भेज दो अब चिट्ठियाँ

बून्द इक बारिश की देखो आज जो उतरी यहाँ
ख्वाहिशें दिल में उठी पूछे सनम तुम हो कहाँ

हो गए बेचैन दिन ये ख़्वाब भी तन्हा से हैं
मुस्कुराहट पर लगी है देख लो अब चुप्पियाँ

याद करके पल वो साथी जो गुजारे साथ में
रातरानी की महक गुम, रो रहा है आसमाँ

फूल, खुश्बू, कार्ड, चॉकी, स्कार्फ, दुपट्टा वो हरा
संग मेरे चल रहा यादों भरा हर कारवाँ

झाँकता खिड़की से देखो चाँद है तन्हा बहुत
चाय की प्याली कहे कुछ भेज दो अब चिट्ठियाँ

डाकिया बनकर है लाया चाँद आने की खबर
चाँदनी भी रात भर करती रही सरगोशियाँ

रुख गुलाबों के शरम से हो गए यूँ लाल क्यूँ
बाग से ये पूछ बैठी शबनमी हर पत्तियाँ

ना पता कब दिन हुआ ना रात का ही होश है
अब ‘अदिति’ बनने लगी है इक नई सी दासताँ

लोधी डॉ. आशा ‘अदिति’
बैतूल

Like 1 Comment 1
Views 167

You must be logged in to post comments.

LoginCreate Account

Loading comments
लोधी डॉ. आशा 'अदिति'
लोधी डॉ. आशा 'अदिति'
68 Posts · 12k Views
मध्यप्रदेश में सहायक संचालक...आई आई टी रुड़की से पी एच डी...अपने आसपास जो देखती हूँ,...