Sep 14, 2016 · हाइकु
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चाँद (हाइकू )

1
चाँद पर मैं
बना के एक बस्ती
संग रहूँगी

2
कर सिंगार
झिलमिल तारों काँ
मुस्कराऊँ मै

3
श्वेतवर्णी हो
धवल चन्दिका में
आसमां साफ

4
चाँद आगोश
में भर चाँदनी को
गहन निशा

5
चाँदनी भाव
विभोर हो कहने
चाँद से लगी

6
प्रिय बहुत
विशाल असीमित
नभ की दूरी

7
होती अकेली
मैं विस्त्तृत नभ में
डर जाती हूँ

8
बाहुँ पाश में
न बाँध पाऊँ चाँद
हो जाते दूर

डॉ मधु त्रिवेदी

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डॉ मधु त्रिवेदी
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डॉ मधु त्रिवेदी शान्ति निकेतन कालेज आफ बिजनेस मैनेजमेंट एण्ड कम्प्यूटर साइंस आगरा प्राचार्या, पोस्ट... View full profile
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