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चाँद की रखता तो वो है चाहत!

Dinesh Dave

Dinesh Dave

गज़ल/गीतिका

August 14, 2016

रदीफ़ .नही है क्या!

हो गया चुप बोलता नही है क्या
राज दिल के खोलता नही है क्या।।

थाम लेता एक दफा अगर दिल से
हाथ फिर वो छोड़ता नही है क्या।।

जाम आँखों से ही पिलाता पर
बहकने से रोकता नही है क्या।।

चाँद की रखता तो है वो चाहत
आसमां में खोजता नही है क्या।।

टूट तो उनका गया है दिल मगर
ये हुआ क्यों सोचता नही है क्या ।।

“दिनेश”

Author
Dinesh Dave
मेरा परिचय नाम दिनेश दवे पिता का नाम श्री बालकृष्ण दवे शैक्षणिक योग्यता :बी ई मैकेनिकल इंजीनियरिंग, एम बी ए लेखन एवं प्रकाशन : विगत पांच वर्षो से लेखन, अभी तक साँझा प्रकाशन , पता 2/एल आई पी एल ब्लाक,... Read more
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