चलो हम खेले किक्रेट

चलो हम खेले किक्रेट – 2
लहू में भर ले नया जोश – 2
आगे-पीछे कुछ ना सोचो
लोग क्या कहते हैं
चलो हम खेले किक्रेट – 2

अंशिका की कोशिश में
अदिति की आभा में
अमृता के अमरत्व से
अपना आसमां दिखाना है
चलो हम खेले किक्रेट – 2

भाग्यश्री के भाग्य से
आगे बढते जाना है
बंदिता के सलाम से
बंदना करते जाना है
चलो हम खेले किक्रेट – 2

चंचल की चंचलता में
चंचल भी हो जाना है
चलो हम खेले किक्रेट – 2
लहू में भर ले नया जोश – 2

दीपा के दीप से
हेमा की धरती पे
ईशा की शायरी से
नया जोश जगाना है
चलो हम खेले किक्रेट – 2

जुली सी युवा सोच से
जय की जयजयकार मे
विजय की ज्योति जगाना है ।

कल्पना की उड़ान से
कांता की सुंदरता से
कंचन सा मन लिये
अपना पंख फैलाना है
चलो हम खेले किक्रेट – 2

काव्या के काव्य से
सुर्य की किरण संग
जीत की खुश्बू फैलाना है
चलो हम खेले किक्रेट – 2

मीनाक्षी में दुर्गा का वास हो
मधु के खेल की मिठास हो
ऐसा खेल हमें दिखाना है
चलो हम खेले किक्रेट – 2

ममता का अपनापन और
मनीषा की अभिलाषा से
लहू में भर लें नया जोश – 2

नील से नीले आकाश तले
नैना की चक्षु की तेज धार तले
निकिता की पृथ्वी पे
नीतू की सुंदरता से
नेहा के स्नेह भरे नयनों से
निशा की रात्रि में
चलो हम खेले किक्रेट – 2
लहू में भर ले नया जोश – 2

पुजा की थाल लिये
पल्लवी के अंकुरित मन लिये
आरंभ का बिगुल बजाना है

प्रिया की प्यारी बातें
पिंकी के प्रेम से
बल्ले को घुमाओ जरा
बल्ले को घुमाओ जरा
चलो हम खेले किक्रेट – 2

चाहे रश्मि की पहली किरण में
रुचिका की चमक हो
चाहे रजनी की रात्रि में
रंजना की प्रसन्नता हो
चलो हम खेले किक्रेट – 2

रक्षा के बल्ले से
बाॅल को नाच नचाना है
चलो हम खेले किक्रेट – 2

संध्या की गोधूलि बेला में
सुष्मिता के सुंदर मन से
सबको धुल चटाना है
चलो हम खेले किक्रेट

शशि सा चांद हो
शिवानी सा रत्न हो
शिवा का वास हो
जीत फिर अपनी कहां दुर हो
चलो हम खेले किक्रेट – 2

स्मिता की सिल्क-सिल्क
सोनी मुस्कान हो
और सपना का स्वप्न हो
सोनाली के स्वर्ण से
श्रेया के उत्कृष्ट खेल से
हमको धुम मचाना है
चलो हम खेले किक्रेट – 2
लहु में भर लें नया जोश – 2।।

~रश्मि

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