गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

चलो दिवाली इस बार अलग मनाते हैं

आपको और आपके परिवार को दिवाली के पावन
अवसर पर बहुत बहुत शुभकामनाएँ……. चलो दिवाली
इस बार अलग मनाते हैं………….

नाम शहीदों के चिराग जलाते हैं
दिवाली इस बार अलग मनाते हैं
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कुछ फर्ज भी इस बार निभाते हैं
सामान चीनी इस बार ठुकराते हैं
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कुछ बेघरों को भी घर बुलाते हैं
संग उनके दीवाली जगमगाते हैं
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मीठा भी कुछ सबको खिलाते हैं
संग संग चाय भी अब पिलाते हैं
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चलो गीत कोई इक गुनगुनाते हैं
दिवाली इस बार सुरीली मनाते हैं
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कपिल कुमार
29/10/2016

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