कविता · Reading time: 1 minute

चलो आज से बात होगी नहीं

चलो आज से बात होगी नहीं।
कभी भी मुलाकात होगी नहीं।
तुम्हारे बिना भी कटे जिंदगी।
करूँगा नहीं मैं कभी बंदगी।

तुझे मैं कभी भी सताया नहीं।
लगे बात जो वो सुनाया नहीं।
सदा ही तुम्हें ही रहा है गिला।
यही तो मुझे जाँ मिला है सिला।

किसी भी घड़ी याद आना नहीं।
गली में मुझे आ बुलाना नहीं।
वफा ये तुम्हारी नहीं चाहिए।
न यादें तुम्हारी कहीं चाहिए।

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