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चमन-सदृश गुणबान , प्रीति बन कहते गांधी

बृजेश कुमार नायक

बृजेश कुमार नायक

कुण्डलिया

March 25, 2017

गांधी जी की जयंती, सत्य-अहिंसा-प्रेम|
पाठ पढ़ो औ जानकर, धारण करिए नेम||
धारण करिए नेम, बनो शीतलतामय वट|
पोषण से भर धरा, बनो सद्बबोधी-जीवट||
कह “नायक” कविराय, रुके अज्ञानी आँधी|
चमन-सदृश गुणबान, प्रीति बन कहते गांधी||

बृजेश कुमार नायक
“जागा हिंदुस्तान चाहिए” एवं “क्रौंच सुऋषि आलोक” कृतियों के प्रणेता

गांधी=महात्मा गांधी

Author
बृजेश कुमार नायक
एम ए हिंदी, साहित्यरतन, पालीटेक्निक डिप्लोमा जन्मतिथि-08-05-1961 प्रकाशित कृतियाँ-"जागा हिंदुस्तान चाहिए" एवं "क्रौंच सुऋषि आलोक" साक्षात्कार,युद्धरतआमआदमी सहित देश की कई प्रतिष्ठित पत्र- पत्रिकाओ मे रचनाएं प्रकाशित अनेक सम्मानों एवं उपाधियों से अलंकृत आकाशवाणी से काव्यपाठ प्रसारित, जन्म स्थान-कैथेरी,जालौन निवास-सुभाष नगर,... Read more
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