चमन-सदृश गुणबान , प्रीति बन कहते गांधी

गांधी जी की जयंती, सत्य-अहिंसा-प्रेम|
पाठ पढ़ो औ जानकर, धारण करिए नेम||
धारण करिए नेम, बनो शीतलतामय वट|
पोषण से भर धरा, बनो सद्बबोधी-जीवट||
कह “नायक” कविराय, रुके अज्ञानी आँधी|
चमन-सदृश गुणबान, प्रीति बन कहते गांधी||

बृजेश कुमार नायक
“जागा हिंदुस्तान चाहिए” एवं “क्रौंच सुऋषि आलोक” कृतियों के प्रणेता

गांधी=महात्मा गांधी

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