Jul 31, 2016 · कविता

चमत्कार

चमत्कार को नमस्कार है
आज धन ही चमत्कार है
इंसान के पास अगर धन है
वह इंसान ही चमत्कार है
ऐ धन तुझे नमस्कार है,
तुझको पाने की ललक
सब में बेक़रार है
तेरे चक्कर में विजय माल्या भी
देश से
***फरार है
चमत्कार को नमस्कार है।
^^^दिनेश शर्मा^^^

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सब रस लेखनी*** जब मन चाहा कुछ लिख देते है, रह जाती है कमियाँ नजरअंदाज...
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