चन्दा दूर गगन का तारा

चन्दा दूर गगन का तारा
लेकिन लगता हमें हमारा

घटता बढ़ता ही ये रहता
पर अपना दुख कभी न कहता
इसकी आँखों से तो बहती
है बस शीतलता की धारा
चन्दा दूर गगन का तारा

खूब निभाता हमसे यारी
बात हमारी सुनता सारी
कहता नहीं किसी से बातें
दोस्त हमारा सबसे प्यारा
चन्दा दूर गगन का तारा

तारों की तो सेना सारी
मगर अकेला सब पर भारी
बिखराता ही रहे चाँदनी
तम भी इसके आगे हारा
चन्दा दूर गगन का तारा

नई कहानी अपनी कहता
हर माँ की लोरी में रहता
गोल गोल ये रोटी जैसा
बच्चों का है बड़ा दुलारा
चन्दा दूर गगन का तारा

15-09-2018
डॉ अर्चना गुप्ता
मुरादाबाद

Like 1 Comment 0
Views 105

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share