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( चंद शेर )

Nitin Sharma

Nitin Sharma

शेर

December 6, 2016

1.
उनकी’यादों ने हँसाया देर तक
बेबसी ने फिर रूलाया देर तक

2.
नही आसान ये उल्फ़त नितिन अब
ग़मो ने तुझ को भी मारा बहुत हैं

3.
खुदा ने खुद बनाई है लकीरे हाथ में मेरे
खुदा मंजूर है मुझको नही कोई शिकायत है

4
तुम्हारे होंठ की लाली तुम्हारी नाक की बाली
अगर जो देख ले तुम को वो पाग़ल हो भी सकता है

5.
रुलाकर हँसना , हँसकर रुलाना
जवानी अदाएँ सिखाती है क्या क्या

नितिन शर्मा (रौनक़)

Author
Nitin Sharma
नितिन शर्मा , इटावा कोटा ( राजस्थान ) - ग़ज़ल /मुक्तक लेखन मोबाइल - 9784824274
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