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*** चंद शेर ***

भूरचन्द जयपाल

भूरचन्द जयपाल

शेर

August 1, 2017

कशमकश दिल में
जुबां पे तुम्हारा नाम आया
भरी महफ़िल में
फिर से गुमनाम पैगाम आया ।।

मेरी धड़कने
क्यूं पूछती है तेरे दिल से

तेरे दिल से
मेरे दिल को पैगाम आया है।

जाम लगाया उनके नाम
तो ये कोहराम छाया है
ना जाने महफ़िल में
कौन पैगाम बेनाम आया है ।।

गुल ए गुलशन
में गुलफ़ाम आया है
महफ़िल में कौन
सरे आम आया है ।।

?मधुप बैरागी

Author
भूरचन्द जयपाल
मैं भूरचन्द जयपाल स्वैच्छिक सेवानिवृत - प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, कानासर जिला -बीकानेर (राजस्थान) अपने उपनाम - मधुप बैरागी के नाम से विभिन्न विधाओं में स्वरुचि अनुसार लेखन करता हूं, जैसे - गीत,कविता ,ग़ज़ल,मुक्तक ,भजन,आलेख,स्वच्छन्द या छंदमुक्त रचना आदि... Read more
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