गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

घड़ीभर पास मेरे आ, मुस्कुरा

घड़ीभर पास मेरे आ, मुस्कुरा
नज़र से दूर अब ना जा, मुस्कुरा

बता दे आज दिल में क्या है तेरे
करूँगा मैं उसे पूरा, मुस्कुरा

निगाहें यार से जो टकरा गईं
खिला दिल में कोई गुन्चा, मुस्कुरा

कि जाये जान भी अब तो ग़म नहीं
मिला हमदम कोई तुम सा, मुस्कुरा

वफ़ा है पाक इतनी मैं क्या कहूँ
लगूँ क्यों मैं उसे रब सा, मुस्कुरा

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