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घूमें कभी मन में घने

guru saxena

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घनाक्षरी

July 24, 2017

घूमें कभी मन में घने क्षण क्षण यही विचार
किस किस पर कविता लिखें किसे छोड़ दें यार
किसे छोड़ दें यार व्यंग्य मोदी पर मारें
या फिर पाकिस्तान चीन को ही ललकारें
गीत ग़ज़ल लिख अधर सुधा रस साने चूमें
किस को नीचा दिखा देश भर में हम घूमें।

Author
guru saxena
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