Nov 1, 2016 · मुक्तक
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घूँट सुरा का तीखा होता प्यालों में : जितेन्द्र कमल आनंद ( पोस्ट१२६)

घूँट सुरा का तीखा होता प्यालों में माना ,बाला !
यात्रा शभ हो जाये भर दो खाली पैमाना ,बाला !
मेरे होठों के गीतों को रस मिल जाये भावों का ।
मिल जाये थोड़ी मिठास यदि कृपा आप की हो , बाला!!

—— जितेंद्रकमलआनंद
०१-११-१६– सॉई विहार कालोनी , रामपुर ( उ प्र )
पिन कोड २४४९०१

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Jitendra Anand
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