Mar 12, 2017 · कविता
Reading time: 1 minute

घुटने टेके नर, कुत्ती से हीन दिख रहा

(मुक्त छंद)

चर्म रोग में चाटता, कुत्ता अपनी खाल|
मानव निज तन कर रहा, खुजा खुजा कर लाल||
खुजा खुजा कर लाल, हारकर वैद्य बुलाता |
कुक्कुर बिना दवा के चंगा, रोब दिखाता||
कह “नायक” कविराय, श्वान स्वाधीन दिख रहा |
घुटने टेके नर, कुत्ती से हीन दिख रहा ||

बृजेश कुमार नायक
“जागा हिंदुस्तान चाहिए” एवं “क्रौच सुऋषि आलोक” कृतियों के प्रणेता

नकली रंग न लताएं, चर्म रोग हो सकता है |

असली/प्राकृतिक रंगों का प्रयोग करें
……………………………………………………………..
निम्न बिंदुओं पर अमल करें
1-स्वास्थ्य का ध्यान रखें
2-सफाई से रहें
3-मानवीय मूल्योंकी रक्षा करें
4-विविधता में समरूपता के दर्शन करे
………………………………………………………….
जय हिंद,
होली की शुभकामनाएं

177 Views
Pt. Brajesh Kumar Nayak
Pt. Brajesh Kumar Nayak
157 Posts · 41.1k Views
Follow 10 Followers
1) प्रकाशित कृतियाँ 1-जागा हिंदुस्तान चाहिए "काव्य संग्रह" 2-क्रौंच सु ऋषि आलोक "खण्ड काव्य"/शोधपरक ग्रंथ... View full profile
You may also like: