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घी उधार का पीने वाले

कहने की बातें कुछ और करने की बातें कुछ और
आजादी के बाद देश में चला हुआ है ये ही दौर

बात गरीबों की कर कर के
माला माल हुए नेताजी
रोजगार उनको मिलता है
खेलें जो पैसों से बाजी

भ्रष्टाचार बढ़ाता जाता, भ्रष्टाचार विरोधी अमला
प्रदूषण प्रतिबंधित-कर्ता, खरदूषण बन करते घपला

हर चुनाव के मौसम जनता
खुलते देखे नये पिटारे
हर दल की फोकट सुविधा से
मुफ्तखोर हों युवक हमारे

धनवानों को ऊँची शिक्षा, निर्धन पढ़े या गिने निवाले
कर्जमाफ की करेंं प्रतीक्षा, घी उधार का पीने वाले

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Laxminarayan Gupta
Laxminarayan Gupta
ग्वालियर ( म. प्र.)
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मूलतः ग्वालियर का होने के कारण सम्पूर्ण शिक्षा वहीँ हुई| लेखापरीक्षा अधिकारी के पद से...