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घर ना किसी का जलाइये

रोशनी के पर्व पर .. एक नजर इधर भी
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#दीपदान मनाइए या #दिवाली मनाइये
मजलूम आदमी को कभी ना सताइये

गर ना बना सको तुम ,आशियाना किसी का
घर में भी आग तुम ना, किसी के लगाइये

जलाने है तो जलाओ, चराग-ए-मोहब्बतें
दिल बेवजह ना तुम , किसी का जलाइए

मुझको ना बांटना तुम अना की आग में
झूठे को मगर आईना हर वक्त दिखाइये

मैं तो हूं दीवाना, मोहब्बत मेरी अदा है
नफरत का पाठ कोई, ना मुझको पढ़ाईये

“सागर” चलो दूर कहीं, जहां जाति ना धर्म हो
दुनिया अपनी अलग अब, वहीं पर बसाइये।।
**********डॉ.नरेश कुमार “सागर”
9897907490……9149087291

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Naresh Sagar
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