गज़ल/गीतिका · Reading time: 1 minute

जीत कहानी है ये हार कहानी है

“गज़ल”
जीत कहानी है ये हार कहानी है।
कुछ स्याही है,बाकी तो सब पानी है।

ऐ मेरे हमदम मुझको न कहो बूढा,
साथ अभी तक मेरे याद पुरानी है।

हुनर नहीं दौलत का ही तो है मालिक,
फिर दुनिया क्यूँ उसकी यार दिवानी है।

अलविदा कहा जब हाथ हिलाकर उसने,
तब लगा मुझे मौत सभी को आनी है।

प्यार कि खातिर जान लुटा देंगे कहना,
कुछ और नहीं यारों ये नादानी है।
#विनोद

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