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गज़ल :– मैकदों में लड़खड़ाने आ गए ॥

Anuj Tiwari

Anuj Tiwari "इन्दवार"

गज़ल/गीतिका

April 19, 2017

गज़ल :–मैकदों में लड़खड़ाने आ गए ॥

प्यार वो हम से जताने आ गए ।
आज फ़िर से आजमाने आ गए ।

बेडियां पैरों में मेरे क्या बँधी ,
फैसला कातिल सुनाने आ गए ।

जब हुआ मुश्किल सम्हलना भी मिरा
मैकदों में लड़खड़ाने आ गए ।

इसकदर इफ्फत से वो समझे हमें ,
साँस क्या टूटी , जलाने आ गए ।

आब आँखो से मिरे क्या गिर गया ,
आग बस्ती की बुझाने आ गए ।

अनुज तिवारी “इंदवार”

Author
Anuj Tiwari
नाम - अनुज तिवारी "इन्दवार" पता - इंदवार , उमरिया : मध्य-प्रदेश लेखन--- ग़ज़ल , गीत ,नवगीत ,कविता , हाइकु ,कव्वाली , तेवारी आदि चेतना मध्य-प्रदेश द्वारा चेतना सम्मान (20 फरवरी 2016) शिक्षण -- मेकेनिकल इन्जीनियरिंग व्यवसाय -- नौकरी प्रकाशित... Read more
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