कविता · Reading time: 1 minute

【30】**!** कृष्ण का प्रतिबिंब गौमाता **!**

गौ को गौमाता कहने वालों, इतना सा गौर करो
गौमाता माता की सेवा करने से, तिल भर भी नहीं डरो
{1} घर में बनी पहली रोटी, गौमाता को प्रदान करो
हम याचक ईश्वर देता, मानव हो न अभिमान करो
गीता ज्ञान पढ़कर निज मन में, कूट-कूट स्वाभिमान भरो
हम सेवक ईश्वर मालिक, सब सत्य कर्म में ध्यान धरो
गौ को गौमाता………….
{2} भाव सभी के मन में, गौ सेवा के नित आते होंगे
तन से नहीं तो मन से सेवा, में खुद को पाते होंगे
सोचो बिन खाए दुनियाँँ में, पेट क्या भर पाते होंगे
जीवन है क्षण मात्र पहेली, करना है जो अभी करो
गौ को गौमाता ……….
{3} राधा-कृष्ण के मंदिर जा तुम, धूप-दीप जी भर कर लो
राधा-कृष्ण कृपा बरसे जो, जी भर गौ सेवा कर लो
जितने सुख गौमाता पाये, उतने श्याम से तुम वर लो
तुलसी, राधा सी गौमाता, सेवा कर सम्मान करो
गौ को गौमाता………
{4} कृष्ण तुम्हारा इष्ट देव है, कृष्ण से ये सब कह देना
गाय तेरी भूखी हैं, तुझे खेलाऊं, तू मोहे वर देना
सिसक-सिसक सुन रोये कान्हा, आंसू जरा पोंछ देना
हम नहीं रोये श्याम रुलाया, भ्रम का अब तो त्याग करो
गौ को गौमाता……….
खैमसिहं सैनी
M.A, B.Ed from University of (Raj.)
Mob.No. 9266034598

2 Likes · 1 Comment · 114 Views
Like
89 Posts · 6.8k Views
You may also like:
Loading...