* गुस्ताख़ ये दर्द *

गुस्ताख़ ये दर्द अब हमें जीने नहीं देगा
पी-पी के हारे ज़ाम अब पीने नहीं देगा
रात की तन्हाई हो या दिन का सूनापन
पी-पी पी की याद हमे जीने नही देगा ।।
?मधुप बैरागी

Like Comment 0
Views 59

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share