गुलाब हो तुम

मेरे इन ख्वाबों की गुलाब हो तुम||
मैं खाली बोतल तो शराब हो तुम||

कैसे लिखता मैं शेर इस कलम से|
मैं काली श्याही तो किताब हो तुम||

~जनार्दन पाठक ‘धुरंधर’
मो- 8299215712

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