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यूँ ही राधा-कृष्ण का नाम नहीं होता, ….”एस के राठौर”

Suneel Rathore

Suneel Rathore

कविता

October 3, 2017

गुलाब मुहब्बत का पैगाम नहीं होता,
चाँद चांदनी का प्यार सरे आम नहीं होता,
प्यार होता है मन की निर्मल भावनाओं से,
वर्ना यूँ ही राधा-कृष्ण का नाम नहीं होता…

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Author
Suneel Rathore

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