गुलाब मिसरी (हास्य)

वेलेंटाइन डे से एक महिने पहले से
एक सुंदर लड़की मोना को एक लड़का
सुदीप रोज़ एक गुलाब का फूल दिया करता था🌹

मोना लाल गुलाब का फूल हँस के ले लेती थी…
और बोली सुदीप फूल के साथ मिसरी की डली भी
दिया करे ।
संदीप बहुत अच्छे अच्छे गुलाब के फूल पसंद करके लाता
और मिसरी की डली के साथ मोना को देता रहा, 💃🏼💃🏼
वो उसे देता रहा रोज़ एक लाल गुलाब और एक मिसरी
की डली…
यूँ ही चलता रहा सिलसिला
…फ़िर एक दिन मोना ने संदीप को गुलाब और मिसरी वापस कर दी संदीप का दिल टूटने लगा

तभी मोना मुस्करा के बोली,
“बस भैया अब गुलाब के फूल और
मिसरी की जरुरत नहीँ
“गुलकन्द बन गया है…😘💐😘
मम्मी ने कहा अब मना कर दो “

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लेखन एक साधना है विगत 40 वर्ष से बाल्यावस्था से होते हुए आज लेखन चरम...
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