गुरु की महिमा

1
गुरु से ही मिलता हमें,बुरे भले का ज्ञान
हाथ इन्हीं का थामकर, पथ होता आसान

2
गुरु ही सूरज चंद्रमा, गुरु धरती आकाश
गुरु मन के संसार में, भरते ज्ञान प्रकाश

3
प्रथम गुरु हैं मात पिता,दूजा है परिवार
वो सदगुरू महान जो, देते ज्ञान अपार

4
गुरु की महिमा का करें, कैसे यहाँ बखान
जिनसे पाकर ज्ञान हम, पा लेते भगवान

5
उन गुरु चरणों को नमन, करते शत शत बार
दिया जिन्होंने ज्ञान का,हमें अतुल भंडार

6
गुरुवर के सत्संग से,मिटते कलुष विचार
गुरु ही मन को स्वच्छ कर, दूर करें अँधियार

7
अपने गुरु का हम करें, तन-मन से सम्मान
गुरु के आशीर्वाद से, होता है कल्याण

8
पाती इक मैंने लिखी, श्री गुरुवर के नाम
श्रद्धा से सर को झुका, करती उन्हें प्रणाम

9
जीवन मे चलना सदा, थाम गुरु का हाथ
गुरु के ही आशीष से, हमको मिलते नाथ

10

मात-पिता ही गुरु प्रथम, देते वो पहचान
और दिलाते हैं हमें, गुरुओं का भी ज्ञान

05-07-2020
डॉ अर्चना गुप्ता
मुरादाबाद

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