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गुरु की महिमा

जगदीश लववंशी

जगदीश लववंशी "जेपीएल"

कविता

May 20, 2017

गुरु सेवा अति महान,
ज्ञान देते सारा जीवन,
भटको को दिखाते राह,
नही उनकी कोई चाह,
जहाँ पड़े गुरु की रज,
बन जाये वो भूमि ब्रज,
सारा जीवन परहित में बिताया,
अपना सर्वस्व न्योछावर किया,
गुरु भगवान से हैं ऊपर,
ज्ञान दाता थोड़ी कृपा कर,
हमको भी आशीष मिले,
आपके चरणों में जगह मिले,
।।।जेपीएल।।।

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Author
जगदीश लववंशी
J P LOVEWANSHI, MA(HISTORY) ,MA (HINDI) & MSC (MATHS) "कविता लिखना और लिखते लिखते उसी में खो जाना , शाम ,सुबह और निशा , चाँद , सूरज और तारे सभी को कविता में ही खोजना तब मन में असीम शांति... Read more

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