Jul 27, 2018 · दोहे
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गुरु का आशीर्वाद

गुरु दिखलाये राह जब ,मिले नसीहत ज्ञान !
खिले उन्ही की सीख से, जीवन का उद्यान !!

मिला हमेशा ही मुझे,… गुरु का आशीर्वाद !
मैने उसको रख लिया,उनका समझ प्रसाद !!

कितना भी ऊँचा बढे,,.जीवन मे इन्सान !
बिन गुरु के हर आदमी,रहे अधूरा जान !!

बिन गुरु मिलता ही नहीं,कभी किसी को ज्ञान !
कितनी भी पढ लीजिए,… गीता औ कुरआन ! !

जीवन के हर मोड़ पर,सदगुरु मिले तमाम !
जिनके आशिर्वाद से,…….बनें समूचे काम !!

मुश्किल है इस दौर में,… मानव की पहचान !
सद्गुरु पाना किस तरह, होगा फिर आसान !!
रमेश शर्मा

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RAMESH SHARMA
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दोहे की दो पंक्तियाँ, करती प्रखर प्रहार ! फीकी जिसके सामने, तलवारों की धार! !... View full profile
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