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गीत ग़ज़ल कुछ भी नहीं

AWADHESH NEMA

AWADHESH NEMA

कुण्डलिया

April 1, 2017

गीत ग़ज़ल कुछ भी नहीं, नहि मुक्तक नहीं छंद ।
यूँ ही घुमा फिराय के, रखे शब्द हैं चंद ।।
रखे शब्द हैं चंद, नहीं कुछ मतलब जिनका ।
बिलकुल हैं बेकार, व्यर्थ है पढ़ना इनका ।।
कहो साथियो आखिर इसमें, क्या है मेरी भूल ।
अगर आप भी पढ़कर इनको,बन जाएं अप्रैल फूल ।।

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Author
AWADHESH NEMA
मध्यप्रदेश शासन कृषि विभाग में उप संचालक कृषि, आई आई टी खरगपुर से वर्ष 1984 में भूमि एवं जल संरक्षण अभियांत्रिकी से एम. टेक.। अध्ययन यात्रा हेतु आस्ट्रेलिया भ्रमण । आई टी प्रयोग तथा उत्कृष्ट लोकसेवा प्रबंधन हेतु मुख्यमंत्री पुरूस्कार... Read more
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