गीत ... यह जंग जारी रहेगी

******** यह जंग जारी रहेगी ******
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***यह जंग जारी रहेगी***
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सभी लड़ रहे हैं मिशन की लड़ाई।
बिखर बिखर कर ही लड़ रहे हैं ।।
डरते हैं दिन रात जो दुश्मनों से।
आजकल वो अपनों से भिड रहे हैं।।
हाथों में सबके हे झंडे और डंडे ।
हमला और हल्ला अपनों पर कर रहे हैं।।
दलाली की इनको आदत पड़ी है।
दलाली भी बस अपनों से कर रहे हैं।।
सच कोई कह दे तो दुश्मन हजारों।
छुरा लेकर अक्सर गले मिल रहे हैं।।
यह कैसी लड़ाई है “भीम”मिशन की।
टुकड़ों में संघर्ष की गाथा गढ़ रहे हैं ।।
वाह रे मिशनरी मेरे भीम वालों ।
दुश्मन तेरी एकता पर हंस रहे हैं ।।
घर-घर में पलने लगे हैं विभिषण ।
रावण मिशनरी यूं ही मर रहे हैं ।।
“सागर ” अभी ना चुप बैठ जाना ।
दुश्मन बहुत गहरी चाल ऐ चल रहे हैं।।
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जय भीम नमो बुद्धाय जय संविधान
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बेखौफ शायर/ गीतकार /लेखक/ चिंतक ….
डॉ नरेश “सागर”

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