गीत :-- मेरी बेटी है तू ॥

गीत :– मेरी बेटी है तू ॥

मेरी बेटी है तू , धन की पेटी है तू ।
अपनें मम्मी की गोदी में लेटी है तू ।
मेरी बेटी है तू ॥

परी नटखट बड़ी नखरेवाली मेरी ।
तू है तो जगमग दिवाली मेरी ।
इतनी प्यारी है तू , बड़ी न्यारी लगे ,
नन्हे हाथों में खुशियाँ समेटी है तू ।
मेरी बेटी है तू ॥

तेरे आने की आहट थी पावन घड़ी ।
जब से आईं मेरे घर की रौनक बढ़ी ।
सारे अरमान अब जैसे पूरे हुए ,
हर पल मेरी दुआओं में होती है तू ।
मेरी वेरी है तू ॥

हाथ के झूलो से वर्षों झूलाया तुझे ।
अपने कंधे बिठाकर घुमाया तुझे ।
लाख मन्नत रखी सालों साल जिये ,
चाँद सूरज की पावन ज्योती है तू ।
मेरी बेटी है तू ॥

अनुज तिवारी “इन्दवार”

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Competition Name: साहित्यपीडिया काव्य प्रतियोगिता- "बेटियाँ"

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