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गीत- कहने को तो साथ हमारे चाँद-सितारे रहते हैं

आकाश महेशपुरी

आकाश महेशपुरी

गीत

September 17, 2016

गीत- कहने को तो साथ हमारे चाँद-सितारे रहते हैं
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तुम रहते हो, खुशियों के भी मौसम सारे रहते हैं
फिर भी हम जीवन में कितने मारे-मारे रहते हैं

थक जाते हैं चलते चलते
कैसी मंजिल ढूँढ रहे
मझधारों से प्यार किया है
लेकिन साहिल ढूँढ रहे
कहने को तो साथ हमारे चाँद-सितारे रहते हैं-
फिर भी हम जीवन में कितने मारे-मारे रहते हैं

महफिल में हैं फिर भी जैसे
लगता आज अकेले हैं
हमने तो बस रोना सीखा
जग में कितने मेले हैं
दुनिया के हर खिलते लम्हें साथ हमारे रहतेे हैं
फिर भी हम जीवन में कितने मारे-मारे रहते हैं

दर्द भरे धुन गाने वाले
साज बजाते शहनाई
दिन की चाहत में कट जाती
रातों की भी तन्हाई
फूलों के सँग काँटे भी तो रूप सँवारे रहते हैँ-
फिर भी हम जीवन में कितने मारे-मारे रहते हैं

– आकाश महेशपुरी

Author
आकाश महेशपुरी
पूरा नाम- वकील कुशवाहा "आकाश महेशपुरी" जन्म- 20-04-1980 पेशा- शिक्षक रुचि- काव्य लेखन पता- ग्राम- महेशपुर, पोस्ट- कुबेरस्थान, जनपद- कुशीनगर (उत्तर प्रदेश)
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