#गीत - 'तिरंगा'..🇮🇳

#तिरंगा..🇮🇳

समझ तिरंगे की गाथा को ,
एक नेक मन हो जाए।
कोटि – कोटि संकल्प हमारा ,
झंडा ऊँचा लहराए।।

लहर तिरंगा फहर तिरंगा,
देश – प्रेम को समझाए।
ओज शांति हरियाली चाहे,
रोम – रोम तन हर्षाए।।
मान बढ़ाए शान बढ़ाए,
आन देश की कहलाए;
देशभक्ति की परिभाषा हो,
जोश हृदय में उपजाए।।

चौबीस तीलियाँ चक्र सजी,
याद अशोका की आए।
सीख यही गतिशील बनें हम,
चक्र हमें ये बतलाए।।
प्रीत सिखाए मीत बनाए,
गीत ज़श्न के भर जाए;
प्राणों से भी प्यारा हमको,
एक तिरंगा मन भाए।।

नमन करें हम उन वीरों को,
आज़ादी दिन दिखलाए।
देकर प्राण तिरंगे. खातिर,
अमर वीर वो कहलाए।
देश हमारा सबसे प्यारा,
आगे ही बढ़ता जाए;
रहे तिरंगा ऊँचा जग में,
गीत विश्व का हो जाए।।

#आर.एस.’प्रीतम’

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प्रवक्ता हिंदी शिक्षा-एम.ए.हिंदी(कुरुक्षेत्रा विश्वविद्यालय),बी.लिब.(इंदिरा गाँधी अंतरराष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय) यूजीसी नेट,हरियाणा STET पुस्तकें- काव्य-संग्रह--"आइना","अहसास और ज़िंदगी"एकल...
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