गीत- जिंदगी की कहानी

गीत- जिंदगी की कहानी
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यही है सुनो जिंदगी की कहानी,
कि चादर नई रोज होती पुरानी।

कोई जन्म ले, साल बीते, खड़ा हो,
है घटती उमर जिस्म जितना बड़ा हो।
क्यूँ कहते सभी आ गयी है जवानी-
कि चादर नई रोज होती पुरानी।

हुई थी सजावट कि शादी ठनी थी,
वो दूल्हा बना, वो जो दुल्हन बनी थी!
वही माँगते पोतियों से हैं पानी-
कि चादर नई रोज होती पुरानी।

यही सत्य है हम सभी को है जाना,
किसी का हुआ है न होगा जमाना।
भलाई में बीते मगर जिन्दगानी-
कि चादर नई रोज होती पुरानी।

गीत- आकाश महेशपुरी
दिनांक- 20/01/2020

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