गीत :-- बदलो ना तुम इरादे नाकामियों के डर से !!

बदलो ना तुम इरादे …!!
तर्ज – इन्साफ की डगर पे….

रस्ते गुजर रहे हों मुस्किल भरे सफर से !
बदलो ना तुम इरादे नाकामियों के डर से !!

इस जुवां पे हरदम तू सच का नाम लेना !
खुद को सम्हाल थोडी हिम्मत से काम लेना !

टूटे कभी जो हौसला बदनामियों के घर से !
बदलो ना तुम इरादे नाकामियों के डर से !!

कायरों के रंग पे खुद को कभी ना रन्गना !
ना बुजदिलों से डरना कभी बुजदिली ना करना !

रंग दे इस धरा को खुशियों के रंग भरके !
बदलो ना तुम इरादे नाकामियों की डर से !!

ठोकर यहा लगेगी रस्ते उलझने वाले !
शिखर पर खडे है गिर-गिर के उठने वाले !

गिरना नहीं कभी तू अपनी इस नजर से !
बदलो ना तुम इरादे नाकामियों की डर से !!

क्या आप अपनी पुस्तक प्रकाशित करवाना चाहते हैं?

साहित्यपीडिया पब्लिशिंग द्वारा अपनी पुस्तक प्रकाशित करवायें सिर्फ ₹ 11,800/- रुपये में, जिसमें शामिल है-

  • 50 लेखक प्रतियाँ
  • बेहतरीन कवर डिज़ाइन
  • उच्च गुणवत्ता की प्रिंटिंग
  • Amazon, Flipkart पर पुस्तक की पूरे भारत में असीमित उपलब्धता
  • कम मूल्य पर लेखक प्रतियाँ मंगवाने की lifetime सुविधा
  • रॉयल्टी का मासिक भुगतान

अधिक जानकारी के लिए इस लिंक पर क्लिक करें- https://publish.sahityapedia.com/pricing

या हमें इस नंबर पर काल या Whatsapp करें- 9618066119

Like Comment 0
Views 158

You must be logged in to post comments.

Login Create Account

Loading comments
Copy link to share