23.7k Members 49.8k Posts

गीत- खुशहाली महँगी है कितनी आँसू कितने सस्ते हैं

गीत- खुशहाली महँगी है कितनी आँसू कितने सस्ते हैं
~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~~
खुशहाली महँगी है कितनी आँसू कितने सस्ते हैं

हम तो पीड़ा झेल रहे हैं काँटे हैं अंगारे भी
अंधेरों में डूब गये हैं सूरज चाँद सितारे भी
सूझे ना मंजिल क्या अपनी और किधर को रस्ते हैं-
खुशहाली महँगी है कितनी आँसू कितने सस्ते हैं

जीवन की दुश्वारी को जब जब हमने सुलझाया है
राहों ने ही राह हमारी रोक हमें उलझाया है
हमको जिसने घेर लिये वे गम के सारे दस्ते हैं-
खुशहाली महँगी है कितनी आँसू कितने सस्ते हैं

जीवन का तो खेल खत्म जाने किसकी तैयारी है
दिखता है हल्का लेकिन ये पल पल होता भारी है
मन बच्चा है मन के ऊपर मन मन भर के बस्ते हैं-
खुशहाली महँगी है कितनी आँसू कितने सस्ते हैं

जबसे रोजी रोटी ने भी दामन अपना छोड़ा है
जिसको पाई पाई जोड़ा उसने ही दिल तोड़ा है
जो अपने थे वही दूर से करते आज नमस्ते हैं-
खुशहाली महँगी है कितनी आँसू कितने सस्ते हैं

– आकाश महेशपुरी

Like Comment 0
Views 200

You must be logged in to post comments.

LoginCreate Account

Loading comments
आकाश महेशपुरी
आकाश महेशपुरी
कुशीनगर
220 Posts · 41.2k Views
संक्षिप्त परिचय : नाम- आकाश महेशपुरी (कवि, लेखक) मूल नाम- वकील कुशवाहा माता- श्री मती...