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गाते मेघ मल्हार

RAMESH SHARMA

RAMESH SHARMA

दोहे

June 19, 2017

नाच मयूरा झूमकर, गाते मेघ मल्हार !
चढ़ा नाव पर आज फिर, माँझी ले पतवार !!
बादल बैरी हो गये, तब से अधिक रमेश!
कुदरत के जब से सभी,लगे कतरने केश!!

जिसको भी मौका मिला,लिया प्रकृति को नोच!
बरसे कैसे मेघ फिर,………..एक बार तो सोच!!
रमेश शर्मा.

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Author
RAMESH SHARMA
अपने जीवन काल में, करो काम ये नेक ! जन्मदिवस पर स्वयं के,वृक्ष लगाओ एक !! रमेश शर्मा
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