कविता · Reading time: 1 minute

गांधीजी के बंदर

गांधीजी के बंदर तीनों,
बच्चों ज्ञान का समंदर है।
सीखो इनकी बातें सारी,
सब कुछ ही इनके अंदर है।

बंदर की है सीख सुहानी,
बच्चों जीवन में अपना लो।
बुरा मत कहो, बुरा मत सुनो,
कसमें यही आज तुम खा लो।

बुराई मत देखना बच्चों,
बंदर यह भी सिखलाता है।
बेहतर इंसान बनने की,
बातें सारी बतलाता है।

अपना कर इन आदर्शों को,
बच्चों आगे जो बढ़ता है।
चुमती सफलताएं कदमों को,
नई परिभाषाएं गढ़ता है।

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