31.5k Members 51.9k Posts

ग़ज़ल

महका दिया है तूने पाकीज़गी से यूं।
पहचानती है दुनिया दीवानगी से अब।।

देखा नहीं है उसको सच बात है लेकिन।
मिलने लगा हूं हर दिन उस अजनबी से अब।।

जो भी दिया है उसने काफी दिया है ये।
शिकवा नहीं है कुछ भी तो जिंदगी से अब।।

कवि गोपाल पाठक,
बरेली(उप्र)

2 Views
कवि गोपाल पाठक''कृष्णा''
कवि गोपाल पाठक''कृष्णा''
मीरगंज ,बरेली ,उत्तर प्रदेश ,243504,+918279648462
24 Posts · 329 Views
+918279648462, कवि गोपाल पाठक जी अन्तर्राष्ट्रीय कवि हैं।इन्होंने कई एलबम में गीत लिखे हैं और...
You may also like: