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ग़ज़ल :– महँगाई (व्यंग)

Anuj Tiwari

Anuj Tiwari "इन्दवार"

गज़ल/गीतिका

June 20, 2016

!! मंहगाई !! [गजल]

बेबस और बेजान हैं सब अपने घर वार मे !
आंसू ले दस्तक दिये सावन के त्योहार ने !!

अच्छे दिन की होड मे न्योत दिये मेंहमान !
हालत खस्ता कर गई मंहगाई की मार ने !!

लेखा जोखा लगा लगा कर चिन्तन करते भाव !
अंक गणित हमे सिखा गई मंहगाई उपहार मे !!

खा पी कर मोटे हुए जब हल्के थे दाम !
डाइटिंग करना सिखा गई मंहगाई एक वार मे !!

मन की टेंसन दूर हुई हुआ रक्तचाप सामान्य !
धंधा मंदा पड गया मंदी के व्यापार मे !!

गर्दी ट्रेन पे कम हुई सफर हुआ आसान !
कदम फूंक-२ कर रखते सब मंहगे बाजार मे !!

अनुज तिवारी “इन्दवार”

Author
Anuj Tiwari
नाम - अनुज तिवारी "इन्दवार" पता - इंदवार , उमरिया : मध्य-प्रदेश लेखन--- ग़ज़ल , गीत ,नवगीत ,कविता , हाइकु ,कव्वाली , तेवारी आदि चेतना मध्य-प्रदेश द्वारा चेतना सम्मान (20 फरवरी 2016) शिक्षण -- मेकेनिकल इन्जीनियरिंग व्यवसाय -- नौकरी प्रकाशित... Read more
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