.
Skip to content

ग़ज़ल :–पेट भरता कभी दिल्लगी से नहीं !!

Anuj Tiwari

Anuj Tiwari "इन्दवार"

गज़ल/गीतिका

June 22, 2016

ग़ज़ल :– पेट भरता कभी दिल्लगी से नहीं !!

चाँद में दाग , कहते यकीं से नहीं !
बात बनती हमारी जमीं से नहीं !!

रूबरू जब से मैं तुमसे हुआ हूँ !
शिकायत मुझे जिंदगी से नहीं !!

मिलने-मिलाने के मौशम जवां है !
तुम आओ मगर बेबसी से नहीं !!

जाना मगर , तुम थोड़ी देर ठहरो !
पेट भरता कभी दिल्लगी से नहीं !!

हुस्न जमकर लुटाओ यहाँ आज !
अब शर्म-ओ-हया रोशनी से नहीं !!

Author
Anuj Tiwari
नाम - अनुज तिवारी "इन्दवार" पता - इंदवार , उमरिया : मध्य-प्रदेश लेखन--- ग़ज़ल , गीत ,नवगीत ,कविता , हाइकु ,कव्वाली , तेवारी आदि चेतना मध्य-प्रदेश द्वारा चेतना सम्मान (20 फरवरी 2016) शिक्षण -- मेकेनिकल इन्जीनियरिंग व्यवसाय -- नौकरी प्रकाशित... Read more
Recommended Posts
क्या बताऊँ............. गज़ल
रदीफ़ :- गजल क्या बताऊँ तुझे मैं की क्या है गजल, बेवफा है कि तुझ सी वफा है गजल. तेरी जुल्फों में है जैसे उलझी... Read more
मेरी सुबह हो तुम, मेरी शाम हो तुम! हर ग़ज़ल की मेरे, नई राग़ हो तुम! मेरी आँखों मे तुम, मेरी बातों मे तुम! बसी... Read more
जिंदगी ढूँढता किधर तन्हा
एक गजल पेट की भूख से है घर तन्हा, जिंदगी ढूंढता किधर तन्हा।। टूटती आस की नजर देखो, ख्वाहिशो के सभी शजर तन्हा।। दिल्लगी में... Read more
चेहरे की उदासी को , धोने नहीं दिया इक ग़ज़ल ने
चेहरे की उदासी को , धोने नहीं दिया इक ग़ज़ल ने मुझ को देर रात तक,सोने नहीं दिया इक ग़ज़ल ने इक दर्द सीने में... Read more