Reading time: 1 minute

ग़ज़ल — ज़माना ढूँढते हैं !!

ग़ज़ल — ज़माना ढूँढते हैं !!

प्यास लगे तो पैमाना ढूँढते हैं !
भरी महफिल में मयखाना ढूँढते हैं !!

जाम आशिकी का पीने वाले !
महबूब की बाहों में ठिकाना ढूँढते हैं !!

तीर नज़रों से घायल दिल अब !
मदहोश आँखों में आशियांना ढूँढते हैं !!

कहीँ महफिल यादगार बनी !
कोई ग़म भुलाने का बहाना ढूँढते हैं !!

“अनुज” आज भी “इंदवार” में जाकर !
अपना वो गुजरा ज़माना ढूँढते हैं !!

अनुज “इंदवार”

157 Views
Copy link to share
Anuj Tiwari
118 Posts · 53.7k Views
Follow 9 Followers
नाम - अनुज तिवारी "इन्दवार" पता - इंदवार , उमरिया : मध्य-प्रदेश लेखन--- ग़ज़ल ,... View full profile
You may also like: