ग़ज़ल :-- चंदा की कशिश लेकिन सितारों से समझ लेंगे !!

ग़ज़ल :– चंदा सी कशिश लेकिन सितारों से समझ लेंगे !!
गज़लकार :- अनुज तिवारी “इंदवार”

ज़रा मुश्किल तो होगी पर नजारों से समझ लेंगे !
तेरे खामोश अधरों को इशारों से समझ लेंगे !!

नज़रों की नजाकत को भले हमसे छिपाओ तुम !
तेरी उलझन ये पलकों के किनारों से समझ लेंगे !!

मुमकिन हो ना हो चाहे तेरी जुल्फों को पढ़ना अब !
गजरे की महक लेकिन बहारों से समझ लेंगे !!

कलेजे में दबे चाहे हों तेरे राज़ जितने भी !
तड़फ़ तेरी ये जख्मों की दरारों से समझ लेंगे !!

तेरे भावुक से चहेरे पर भले अम्बर सी काया हो !
चंदा सी कशिश लेकिन सितारों से समझ लेंगे !!

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