ग़ज़ल:-- कॉम्पिटिशन प्यार में (व्यंग)!!

गजल :–व्यंग – काॅम्पटीशन प्यार में !!
गज़लकार :– अनुज तिवारी “इन्दवार”

यार का मुस्किल चयन अब इश्क के बाजार में ।
आज कल बढ़ने लगा है काॅम्पटीशन प्यार में ।।

यूज से पहले सभी ट्रायल जरूरी कर दिए ।
आया है इस दौर का ये न्यू ऐडीशन प्यार में ।।

वक्त के पाबन्द निकले हर मुलाजिम यार भी ।
एक पहर भी देर करना नो सल्यूशन प्यार में ।।

सच्चे तो शायर बने सब झूठे ऐक्टर बन गए ।
रंगमंच के ड्रामे पर दे कर कमीशन प्यार में ।।

मैथ्स के टॉपर रहे जो प्यार में नाकाम निकले ।
कवि “अनुज” फ्री दे रहे हैं ऐजुकेशन प्यार में ।।

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