गर्मी

अब गर्मी बढ़ने लगी, इतना रखना ध्यान।
नित पानी छत पर रखें ,बचे परिन्दा जान।।

दिल्ली वासी ने किया, जाने कैसा पाप।
प्रचंड गर्मी का मिला,बड़ा भयानक श्राप।।
-लक्ष्मी सिंह

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