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गया साल

Kokila Agarwal

Kokila Agarwal

कविता

January 1, 2017

गया साल
हर ले गया
कुछ झूठी
उम्मीदो की आस
जीवन का रास
छोड़ गया
इक गहरा सागर
शब्दों का
शायद सुहास
इक महारास
एक समर्पण
निर्मल अर्पण
गहरे समंदर में
अब प्रवास
बस यही इक आस

Author
Kokila Agarwal
House wife, M. A , B. Ed., Fond of Reading & Writing
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