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गणपति आ गये आशीष देने….

Dinesh Sharma

Dinesh Sharma

कविता

September 4, 2016

बर्ष बीत गया
गणपति आ गये
आशीष देने….
वायदों को याद दिलाने
गंगा के स्वच्छ्ता की
नदियो की
जहाँ मिलकर हो जाती है
सदभाव से एक
एकता की,
एकता में अनेकता की मिसाल लिये
सागर की,
होगी शुद्ध मिट्टी,होगा प्राकृतिक सतरंगी रंगो का मेल,
महा उत्सव का संदेश स्वच्छ,स्वस्थ हो
भूमि-जन
आओ करे प्रण
ईको फ्री गणपति विसर्जन,जय जय गजानन
स्वच्छ भारत का मिशन
जय जय गजानन।।

^^^^^^दिनेश शर्मा^^^^^^

Author
Dinesh Sharma
सब रस लेखनी*** जब मन चाहा कुछ लिख देते है, रह जाती है कमियाँ नजरअंदाज करना प्यारे दोस्तों। ऍम कॉम , व्यापार, निवास गंगा के चरणों मे हरिद्वार।।
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