गणतंत्र

आज बहुत पावन दिवस, आया है गणतंत्र।
अमर तिरंगा देश का, गाओ गौरव मंत्र।। १

आज दिवस गणतंत्र है, जिस पर हमको गर्व।
देशभक्ति बलिदान की ,यह वीरों का पर्व।। २

हम सब को गणतंत्र से, मिला नया उत्कर्ष।
इसको पाने के लिए, किये बहुत संघर्ष।।३

शूर वीर की वीरता, आजादी का मंत्र।
त्याग-शांति का देश यह, इक अभिनव गणतंत्र।।४

सब मिलकर फिर से रचे, एक नया गणतंत्र।
देशभक्ति जिससे बढ़े, मिट जाये षडयंत्र।। ५

क्या करना है क्या नहीं, संविधान से जान ।
अधिकारों को जानकर, धर्म-कर्म पहचान।।६

अपना भारत देश है, पूर्ण रूप स्वतंत्र।
क्योंकि सभी को है मिला,लोकतंत्र का मंत्र।। ७

दुनिया का सबसे बड़ा, ऐसा एक किताब।
संविधान कहते जिसे,हक का जहाँ हिसाब।।८
-लक्ष्मी सिंह

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